Gold Silver Price: लगातार तीन कारोबारी दिनों तक तेजी दिखाने के बाद गुरुवार, 15 जनवरी 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बाजार खुलते ही gold silver price crash देखने को मिला, जिससे निवेशकों और ज्वेलरी बाजार में हलचल मच गई।
कमोडिटी बाजार से मिले आंकड़ों के अनुसार, MCX पर सोना करीब ₹1000 प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया, जबकि चांदी के दामों में ₹10,000 प्रति किलो से ज्यादा की भारी गिरावट देखने को मिली।
MCX पर क्या रहे आज के ताजा रेट?
खबर लिखे जाने तक gold rate today में 0.63 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और 24 कैरेट सोना फिसलकर लगभग ₹1,42,243 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं silver price today में 3.48 प्रतिशत की कमजोरी देखी गई और चांदी का भाव घटकर करीब ₹2,78,000 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।
इतनी बड़ी गिरावट ने यह साफ कर दिया है कि बाजार में तेजी के बाद अब करेक्शन का दौर शुरू हो चुका है।
Gold Silver Price अचानक क्यों गिरे सोने-चांदी के भाव?
कमोडिटी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह profit booking रही। जब दाम तेजी से ऊपर जाते हैं, तो निवेशक मुनाफा सुरक्षित करने के लिए बिकवाली शुरू कर देते हैं।
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में US Dollar की मजबूती और US Bond Yield में तेजी ने भी सोने-चांदी पर दबाव बनाया। डॉलर मजबूत होने पर आमतौर पर गोल्ड और सिल्वर की डिमांड कमजोर हो जाती है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ता है।
घरेलू बाजार में क्यों बढ़ा दबाव?
भारत में पहले ही ऊंचे भाव के कारण ज्वेलरी और फिजिकल गोल्ड की मांग सीमित बनी हुई थी। ऐसे में जैसे ही अंतरराष्ट्रीय संकेत कमजोर पड़े, घरेलू बाजार में भी बिकवाली तेज हो गई।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह गिरावट किसी बड़े संकट का संकेत नहीं बल्कि एक short-term correction है।
आगे क्या फिर बढ़ेंगे दाम?
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि 2026 में भी सोना और चांदी safe investment option बने रहेंगे। वैश्विक तनाव, महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता जैसे कारक अभी भी बाजार में मौजूद हैं, जो आगे चलकर कीमतों को सपोर्ट दे सकते हैं।
हालांकि निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि जल्दबाजी में बड़ा निवेश करने के बजाय small investment + long-term strategy अपनाएं, ताकि जोखिम कम रहे।
निवेशकों के लिए सलाह
जो निवेशक लंबे समय के लिए गोल्ड या सिल्वर में पैसा लगाना चाहते हैं, उनके लिए मौजूदा गिरावट एक limited buying opportunity हो सकती है। लेकिन बाजार की चाल को देखते हुए चरणबद्ध निवेश करना ज्यादा समझदारी भरा कदम माना जा रहा है।







